3 बड़े खिलाड़ी जो अगर नही लेते सन्यास तो 2023 विश्वकप में बिखेरते अपना जादू; लेकिन अब नही खेल पाएंगे

विश्वकप एक ऐसा टूर्नामेंट जो हर चार साल में आयोजित होता है और विश्व क्रिकेट की सभी छोटी बड़ी टीमें विश्वकप को लेकर काफी उत्साहित रहतीं है और इस खिताब को अपने नाम करने के लिए दिन रात मेहनत करती है। बहुत कम खिलाड़ियों को ही अपने देश के लिए विश्वकप खेल उसे जीतने का मौका मिल पाता है।

अगला विश्वकप अगले वर्ष 2023 में आयोजित होने जा रहा है और इसको लेकर सभी टीम अभी से ही भरपुर तैयारी में जुट गई है। लेकिन विश्व क्रिकेट के कुछ बड़े खिलाड़ियों ने इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट से ठीक एक वर्ष पहले ही सन्यास ले लिया है और अब वह इस टूर्नामेंट में भाग नही ले पाएंगे। वह तीन बड़े खिलाड़ी निम्न है —

  1. बेन स्टोक्स

बेन स्टोक्स, इंग्लैंड क्रिकेट के सबसे महत्वपूर्ण ऑलराउंडर में से एक और इंग्लैंड की टेस्ट क्रिकेट के कप्तान अब 2023 विश्वकप में नही खेल पाएंगे। उन्होंने हाल ही में वनडे क्रिकेट से सन्यास ले लिया है। उन्होंने इसके पीछे वजह यह बताई थी की वह क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में एक साथ अपना बेस्ट देने में असमर्थ नजर आ रहे थे।

2019 विश्वकप में इंग्लैंड को फाइनल मुकाबले में जीत दिलाने में बेन स्टोक्स का महत्वपूर्ण योगदान था। ऐसे में फैंस 2023 विश्वकप में भी उनके प्रदर्शन को देखने के लिए उत्सुक थे किंतु ऐसा नहीं हो पाएगा। उनके इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट से पहले ऐसे सन्यास लेने से सबको हैरानी हुई है।

  1. इयोन मोर्गन

इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान ने भी कुछ समय पहले ही अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास ले लिया है। 2019 विश्वकप विजेता कप्तान अगले वर्ष भारत में होने वाले विश्वकप में इंग्लैंड की टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते थे क्योंकि उन्हे भारतीय मैदानों पर खेलने का काफी अच्छा अनुभव था।

ऐसे में इंग्लैंड के सबसे सफलतम कप्तानों में से एक इयोन मोर्गन के द्वारा इस विश्वकप से ठीक पहले सन्यास ले लेना काफी हैरान कर देने वाला है। हालांकि वह अपनी फॉर्म से जूझ रहे थे किंतु वह विश्वकप तक वापसी कर सकते थे। लेकिन अब वह इस विश्वकप में नही खेल पाएंगे।

  1. किरोन पोलार्ड

वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से एक किरोन पोलार्ड ने कुछ समय पहले अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास लेने की घोषणा की थी। वेस्टइंडीज की टीम अभी एकदिवसीय फॉर्मेट में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। ऐसे में किरोन पोलार्ड को भारतीय मैदानों का अच्छा अनुभव और उनकी आतिशी बल्लेबाजी वेस्टइंडीज के लिए भारतीय मैदानों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते थे। लेकिन अब उनके सन्यास लेने के कारण ऐसा सम्भव नहीं हो पाएगा।

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