“50वां ओवर, 15 रन, 6 गेंदें…” वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी ओवर में क्यों थमाई गई सिराज को गेंद, चहल ने किया बड़ा खुलासा

वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज (Mohammed Siraj) भारतीय टीम की जीत के असली हीरो रहे। भारतीय टीम ने विंडीज को रोमांचक मुकाबले में 3 रन से हराकर 3 मैच की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए विंडीज के खिलाफ 308 रन ठोके, जिसके जवाब में मेजबान टीम 305 रन बना पाई।

मैच के आखिरी ओवर में विंडीज को 15 रनों की दरकार थी, मगर सिराज की शानदार गेंदबाजी ने विंडीज के बल्लेबाजों को महज 11 रन ही बनाने दिए। वहीं, मैच के बाद भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल ने आखिरी ओवर को लेकर बड़ा खुसाला किया।

हमें विश्वास था कि Mohammed Siraj…’ चहल ने क्या कहा?

दरअसल, वेस्टइंडीज को आखिरी ओवर में 15 रन की दरकरार थी। भारतीय कप्तान शिखर धवन के सामने विकल्प के तौर पर कई गेंदबाज मौजूद थे लेकिन उन्होंने मोहम्मद सिराज के हाथों में गेंद थमाई। सिराज धवन के भरोसे पर पूरी तरह खड़े उतरे। उन्होंने आखिरी ओवर में अच्छी यॉर्कर के दम पर भारत को जीत दिलाई। वहीं, मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में युजवेंद्र चहल ने सिराज (Mohammed Siraj) को लेकर कहा कि

“हमें विश्वास था कि सिराज (Mohammed Siraj) अंतिम ओवर में 15 रन का बचाव कर सकता है क्योंकि वह अपनी यॉर्कर फेंक रहा था। अपने पिछले दो ओवरों में भी वह मुश्किल से एक या दो यॉर्कर चूक गया था। हममें आत्मविश्वास था, लेकिन दबाव भी था। जिस तरह से वे (वेस्टइंडीज) बल्लेबाजी कर रहे थे। जब संजू सैमसन ने वाइड गेंद पर वह बचाव किया तो इससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ा।”

‘मुझे इससे काफी आत्मविश्वास मिला’

इस दौरान चहल (Yuzvendra Chahal) ने अपनी गेंदबाजी के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि ‘मुझे पता था कि गेंद पुरानी हो रही थी और आप बल्लेबाज को फिरकी में फंसा सकते हैं। मैं अपनी लाइन बदल रहा था और बाहर गेंदबाजी कर रहा था क्योंकि लेग साइड की बाउंड्री छोटी थी। मैं चाहता था कि वे मुझे कवर पर मारें।’

बता दें कि वेस्टइंडीज के खिलाफ युजवेंद्र चहल डेथ ओवर में गेंदबाजी करते दिखे। उन्होंने मैच के 40 ओवर के बाद दो ओवर फेंके। उन्होंने कहा कि ‘मुझे इससे काफी आत्मविश्वास मिला। मैं 40 ओवर के बाद दो ओवर फेंके। मेरी भूमिका मेरे लिए स्पष्ट है। मैं उसी के अनुसार नेट्स में अभ्यास करता हूं और कोचों के साथ अपनी योजनाओं पर चर्चा करता हूं।’

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