6 मैच… 982 रन.. प्लेयर ऑफ द सीरीज.. इसका श्रेय मेरे पिताजी को जाता है, सरफराज ने क्यों कहा ऐसा? समझिए

सरफराज खान (Sarfaraz Khan) के लिए रणजी सीजन 2021-22 बेहद शानदार रहा. इस दाएं हाथ के बल्लेबाज की टीम मुंबई बेशक खिताब से वंचित रह गई हो लेकिन सरफराज ने अपने प्रदर्शन से खूब वाहवाही बटोरी है. उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया. इस मौके पर सरफराज ने अपने पिता का शुक्रिया अदा किया और कहा कि वह ज्यादा समय विकेट पर गुजारना चाहते थे. मध्यप्रदेश ने रणजी ट्रॉफी फाइनल में मुंबई को 6 विकेट से हराकर पहली बार खिताब पर कब्जा किया.

सरफराज ने कहा, ‘ इसका श्रेय मेरे पिताजी को जाता है जो वहां खड़े हैं. मैं अपना बेस्ट देने की कोशिश कर रहा था और ज्यादा से ज्यादा देर तक क्रीज पर रूककर रन बनाना चाह रहा था. मैंने जितना संभव हो सका उतने मैच खेले.’ सरफराज ने रणजी ट्रॉफी फाइनल की पहली पारी में शानदार शतकीय पारी खेली. उन्होंने मुंबई के स्कोर को 350 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. पहली पारी में शतक जड़ने के बाद सरफराज का कहना था कि उनका सपना था कि वह फाइनल में शतक जड़ें.

बकौल सरफराज, ‘ मैं अपने पिता की बदौलत यहां पर हूं. जब हम कुछ नहीं थे, तब मैं अपने पिता के साथ ट्रेन से जाया करता था. जब मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया, तब मैंने मुंबई के लिए शतकीय पारी खेलने का सपना संजोया, जो अब पूरा हो गया. इसके बाद मैंने रणजी ट्रॉफी फाइनल में शतक जड़ने का सपना देखा. जब टीम को इसकी जरूरत थी तो मैंने फाइनल में भी शतकीय पारी खेली. अपने पिता के कठिन परिश्रम को देखकर मैं शतक जड़ने के बाद इमोशनल हो गया था और मेरे आंखों में आंसू आ गए. मेरी सफलता का पूरा श्रेय मेरे पिताजी को जाता है.’

मुंबई की ओर से रणजी ट्रॉफी खेलने वाले सरफरा खान ने इस सीजन 6 मैचों में कुल 982 रन बनाए जिसमें चार शतक शामिल है. इससे पहले उन्होंने 2019-20 में भी 928 रन बनाए थे. मुंबई को फाइनल में पहुंचाने में सरफराज का अहम रोल रहा है. 41 बार की चैंपियन मुंबई को इस बार खिताब से वंचित रहना पड़ा है.

About the author

suuny

Leave a Comment