6 छक्के उड़ाते हुए ठोका शतक, एशिया कप से पहले भारतीय ओपनर का तूफानी धमाका

एशिया कप शुरू होने को है. लेकिन, उससे पहले एक भारतीय ओपनर ने धमाका कर दिया है. तेज-तर्रार और तूफानी शतक जमाया है. टीम की कप्तानी की बागडोर संभालते हुए उसने गेंदबाजों का ना सिर्फ धागा खोला बल्कि बड़ी जीत से भी नाता जोड़ा है. वो भी एक अहम मैच में, जहां हार का खामियाजा टीम को बड़े नुकसान से चुकाना पड़ सकता था. लेकिन, ऐसा नहीं हुआ क्योंकि कप्तान जम गया और अपनी टीम को 44 रन से जीत दिला गया. हम बात कर रहे हैं कर्नाटक में खेले जा रहे महाराजा T20 ट्रॉफी के क्वालिफायर 1 मुकाबले की, जहां मयंक अग्रवाल का बल्ला बेंगलुरु ब्लास्टर्स की जीत की वजह बना है.

बेंगलुरु ब्लास्टर्स महाराजा T20 ट्रॉफी जीतने की प्रबल दावेदार टीम में से है. उसकी इस दावेदारी को और मजबूती उसके कप्तान यानी की मयंक अग्रवाल के खेल से ही मिलती है. मयंक ने इस टूर्नामेंट के दौरान अब तक कई कमाल के प्रदर्शन किए हैं. और, गुलबर्ग मिस्टिक के खिलाफ क्वालिफायर 1 में किया शतकीय प्रहार तो खैर अव्वल दर्जें का रहा.

मयंक की मार-धाड़ से भरपूर बल्लेबाजी

मुकाबले में पहले बैटिंग बेंगलुरु ब्लास्टर्स ने की, जिसके लिए ओपनिंग की कमान मयंक अग्रवाल ने संभाली. मयंक ने चेतन के साथ मिलकर ओपनिंग विकेट के लिए 15.5 ओवर में 162 रन जोड़े. इस साझेदारी में चेतन 80 रन बनाकर आउट हुए पर मयंक जमे रहे.

मयंक ने आतिशी शतक जमाया. उन्होंने मुकाबले में 61 गेंदों का सामना किया, जिस पर 112 रन ठोके. इस दौरान उन्होंने 9 चौके और 6 छक्के ठोके, जबकि उनका स्ट्राइक रेट 183 से ज्यादा का रहा.

44 रन से जीती मयंक अग्रवाल की टीम

मयंक के इस शतकीय प्रहार का नतीजा रहा कि बेंगलुरु ब्लास्टर्स ने 20 ओवर में 3 विकेट खोकर 227 रन बनाए. अब गुलबर्ग मिस्टिक के सामने 228 रन का लक्ष्य था. पर उनकी पारी 183 रन पर ही थम गई और वो मुकाबला 44 रन से हार गए. मयंक को उनकी कप्तानी पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.

शतक हालांकि मुकाबले गुलबर्ग मिस्टिक की ओर से भी रोहन पाटिल के बल्ले से लक्ष्य का पीछा करते हुए निकले थे. पर वो लक्ष्य का पीछा करने को लेकर नाकाफी रहा. रोहन पाटिल ने 49 गेंदों पर 108 रन जड़े थे. यानी पारी उनकी भी मयंक अग्रवाल से कम तेज नहीं थी बल्कि ज्यादा ही तेज थी. 220 से ज्यादा का स्ट्राइक रेट था उनका. लेकिन बाकी खिलाड़ियों का वो सपोर्ट नहीं मिलाने स्कोर बोर्ड चलाने में, जो मयंक अग्रवाल को अपने टीममेट से मिला. उसी का नतीजा रहा कि बेंगलुरु ब्लास्टर्स जीत गए.

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