‘वनडे में तो सचिन पाजी को पकड़ लूंगा’, 24 साल की उम्र में 9 शतक लगाने के बाद विराट कोहली ने कही थी तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ने की बात

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड कौन तोड़ेगा? जब-जब यह सवाल उठता है विराट कोहली का नाम सबसे ऊपर आता है। ऐसा क्यों न हो 33 साल का यह क्रिकेटर वनडे क्रिकेट में महान बल्लेबाज के रिकॉर्ड को तोड़ने से केवल 7 शतक पीछे है। हालांकि, टीम इंडिया के पूर्व कप्तान इस वक्त खराब दौर से गुजर रहे हैं और उनकी फॉर्म चर्चा का विषय बनी हुई है। इसके बाद भी अगर कोई तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ सकता है तो वही हैं। मॉर्डन डे क्रिकेट में फिलहाल उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज सचिन के रिकॉर्ड के करीब नहीं दिखता। कोहली ने अबतक 43 शतक जड़े हैं, वहीं तेंदुलकर के वनडे क्रिकेट में 49 शतक हैं।

कोहली को भी तेंदुलकर की कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प वाला क्रिकेटर माना जाता है। जब कोहली ने 2008 में 19 साल की उम्र में भारत के लिए डेब्यू किया था, तो किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि वह इस मुकाम तक पहुंचेंगे। 2013 तक वह टीम इंडिया के सुपरस्टार बल्लेबाज बन गए थे और वह अगले कुछ वर्षों में विश्व क्रिकेट के दिग्गज क्रिकेटरों में अपना नाम दर्ज करवाया। कोहली की काबिलियत पहचान इस बात से होती है कि उन्होंने अपने युवा दौर में विश्वास हो गया था कि वह वनडे क्रिकेट में सचिन का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं।

युवा विराट कोहली ने कहा था कि वह कम से कम वनडे में सचिन के रिकॉर्ड तक पहुंच जाएंगे। जिमी आल्टर के शो पर बात करते हुए कृष्णन ने कहा, “विराट कोहली का वनडे रिकॉर्ड अद्भुत है, ऐसा कहना छोटी बात होगी। वह सचिन के रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहे है, वहां तक पहुंचते हैं या नहीं ये मुद्दा नहीं है।”

कृष्णन ने आगे कहा, ” मैं आपको एक छोटी सी कहानी बताता हूं। 2013 में ओकले के लिए हम विराट कोहली को साइन करने लॉस एंजेलिस गए। हम वहां बैठे थे। मैं मुंबई से आया था, कोहली अपने मैनेजर बंटी के साथ आए। मैं तब चैंपियंस लीग के लिए काम कर रहा था और वहां उनको साइन करने गया था। कोहली ने तब वनडे में 9 शतक बनाए थे। वह बैठे और कहा, ‘वनडे में तो पाजी(सचिन) को पकड़ लूंगा। पाजी के 49 शतक हैं।”

कृष्णन ने कोहली की फॉर्म पर भी बात की और कहा ये उनकी खराब फॉर्म नही बल्कि उनका दिमाग सही जगह नहीं है। एक बार वह फॉर्म हासिल कर लें, उनके बल्ले से रन आने लगेंगे। कृष्णन ने कहा, “ एक लड़के का वहां बैठना और 40 शतक बनाने की बात करना और वहां तक पहुंचना उनके आत्मविश्वास को दर्शाता है, हमें उनके टेस्ट शतकों को भी नही भूलना चाहिए। जब भी कोई मुझसे कहता है कि वह आउट ऑफ फॉर्म  है मैं उनसे कहता हूं वह खराब फॉर्म में नहीं हैं, बल्कि उनका दिमाग सही जगह नहीं है। वह वही विराट कोहली हैं, जो पहले थे।”

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