लगातार 13वीं बार हराकर भारत ने रचा इतिहास, शिखर धवन-शुभमन गिल 6 रन से 24 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ने से चूके

भारतीय क्रिकेट टीम ने 18 अगस्त 2022 को जिम्बाब्वे के खिलाफ एकदिवसीय मैच में 10 विकेट से जीत हासिल की। भारत की जिम्बाब्वे के खिलाफ यह लगातार 13वीं जीत है। इस जीत के साथ ही भारत ने इतिहास रच दिया। वनडे इंटरनेशनल में किसी भी एक टीम के खिलाफ भारत की लगातार यह सबसे ज्यादा जीत है। भारतीय टीम को वनडे में जिम्बाब्वे के खिलाफ आखिरी हार 3 जून 2010 को मिली थी।

उसके बाद से भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ अब तक 13 मैच खेले हैं और सभी में जीत हासिल की है। इससे पहले भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ लगातार 12 जीत का रिकॉर्ड बनाया था। भारत ने 1988 से 2004 के बीच बांग्लादेश के खिलाफ 12 वनडे खेले थे और सभी में जीत हासिल की थी।

हरारे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए इस मैच में भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। जिम्बाब्वे पहले बल्लेबाजी करते हुए 40.3 ओवर में 189 रन पर ही ऑलआउट हो गई। टीम इंडिया ने 30.5 ओवर में बिना विकेट गंवाए 192 रन बनाए और मैच अपने नाम किया। शिखर धवन 81 और शुभमन गिल 82 रन बनाकर नाबाद रहे।

शिखर धवन और शुभमन गिल को यदि 6 रन और बनाने का मौका मिलता तो वह 1998 में सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली का बनाया गया रिकॉर्ड तोड़ देते। दरअसल, वनडे इंटरनेशनल में 10 विकेट की जीत में हाइएस्ट ओपनिंग पार्टनरशिप का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली के ही नाम है।

सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली ने 1998 में शारजाह के मैदान पर जिम्बाब्वे के खिलाफ ही 197 रन की नाबाद साझेदारी की थी। एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत की 10 विकेट से जीत में सबसे बड़ी साझेदारी करने के मामले में अब शिखर धवन और शुभमन गिल दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं।

पिछले 21 साल से कोई भारतीय बल्लेबाज नहीं तोड़ पाया है सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली का यह रिकॉर्ड

एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत की ओर से सबसे बड़ी साझेदारी करने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली के ही नाम है। सचिन और सौरव ने 24 अक्टूबर 2001 को त्रिकोणीय टूर्नामेंट में केन्या के खिलाफ पार्ल मैदान पर 258 रन की साझेदारी की थी। भारत ने उस मैच में 50 ओवर में 3 विकेट पर 351 रन बनाए थे। केन्या की टीम 50 ओवर में 5 विकेट पर 165 रन ही बना पाई थी।

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