महिलाओं के मुकाबले भारतीय पुरुषों का बेहतर प्रदर्शन, 61 में से 35 पदक जीते, 2018 के मुकाबले 20% ज्यादा

बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारत चौथे स्थान पर रहा। उसने 22 स्वर्ण, 16 रजत और 23 कांस्य समेत कुल 61 पदक अपने नाम किए। चार साल पहले यानी 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत तीसरे स्थान पर रहा था। तब उसने 26 गोल्ड, 20 सिल्वर और 20 कांस्य समेत कुल 66 पदक अपने नाम किए थे।

पदकों और रैंक के हिसाब से देखें तो भारत का प्रदर्शन कमजोर रहा, लेकिन यहां यह काबिलेगौर है कि भारत ने इस बार 61 पदक बिना निशानेबाजों की मदद के जीते हैं। गोल्ड कोस्ट में भारत ने शूटिंग (निशानेबाजी) में सबसे ज्यादा 16 पदक जीते थे। इसमें 7 गोल्ड, 5 सिल्वर और 5 कांस्य पदक शामिल थे।

राष्ट्रमंडल खेलों में निशानेबाजी एक वैकल्पिक खेल है। बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति ने कुछ विशेष कारणों का हवाला देते हुए निशानेबाजी को नहीं रखा था। गोल्ड कोस्ट के मुकाबले इस बार भारतीय पुरुषों का प्रदर्शन औसतन बेहतर रहा।

गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की ओर से महिलाओं ने 28 पदक जीते थे, जबकि पुरुषों ने 35 पदक जीते थे। इसके अलावा मिक्स्ड इवेंट में तीन मेडल जीते थे। वहीं, बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भी भारतीय पुरुषों ने 13 स्वर्ण, 9 रजत और 13 कांस्य समेत कुल 35 पदक जीते, मतलब 2018 के मुकाबले बराबर मेडल जीते।

दूसरी ओर, इस बार भारतीय महिलाओं ने 8 स्वर्ण, 6 रजत और 9 कांस्य समेत कुल 23 पदक जीते, यानी 2018 के मुकाबले 5 मेडल कम। इस तरह औसतन भारतीय पुरुषों ने पिछले संस्करण के मुकाबले महिलाओं से 20% ज्यादा पदक जीते। बर्मिंघम में भारत ने मिक्स्ड इवेंट में तीन मेडल भी जीते, 2018 में मिक्स्ड इवेंट में इतने ही पदक भारत के खाते में आए थे।

बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय स्वर्ण पदक विजेताओं की सूची

भारोत्तोलन (स्वर्ण पदक): अचिंता शेउली, जेरेमी लालरिनुंगा, मीराबाई चानू
लॉन बॉल्स (स्वर्ण पदक): रूपा रानी टिर्की, लवली चौबे, नयनमोनी सैकिया, पिंकी सिंह।
कुश्ती (स्वर्ण पदक): बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक, दीपक पूनिया, रवि कुमार दहिया, विनेश फोगाट, नवीन मलिक।
मुक्केबाजी (स्वर्ण पदक): निकहत जरीन, अमित पंघाल, नीतू गंघास।
पावर लिफ्टिंग (स्वर्ण पदक): सुधीर।
बैडमिंटन (स्वर्ण पदक): पीवी सिंधु, लक्ष्य सेन, चिराग शेट्टी और सात्विक साइराज रंकीरेड्डी।
टेबल टेनिस (स्वर्ण पदक): अचंता शरत कमल। शरत कमल और श्रीजा अकुला। हरमीत देसाई, सानिया शेट्टी, शरत कमल, जी साथियान।
पैरा टेबल टेनिस(स्वर्ण पदक): भाविना पटेल।
त्रिकूद (स्वर्ण पदक): एल्डोस पॉल।

बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय रजत पदक विजेताओं की सूची

संकेत सरगर, बिंदियारानी देवी, सुशीला लिकमबम, विकास ठाकुर, भारतीय मिक्स्ड बैडमिंटन टीम, तूलिका मान, मुरली श्रीशंकर, अंशु मलिक, प्रियंका गोस्वामी, अविनाश साब्ले, पुरुष लॉन बॉल्स टीम मेन्स फोर (सुनील बहादुर, नवनीत सिंह, चंदन सिंह, दिनेश कुमार), अब्दुल्ला अबूबकर, साथियान ज्ञानसेकरन और अचंता शरत कमल, भारतीय महिला क्रिकेट टीम, सागर अहलावत, भारतीय पुरुष हॉकी टीम।

बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय कांस्य पदक विजेताओं की सूची

गुरुराजा पुजारी, विजय कुमार यादव, हरजिंदर कौर, लवप्रीत सिंह, सौरव घोषाल, गुरदीप सिंह, तेजस्विन शंकर, दिव्या काकरान, मोहित ग्रेवाल, जैसमीन लैंबोरिया, पूजा गहलोत, पूजा सिहाग, मोहम्मद हुसामुद्दीन, दीपक नेहरा, सोनलबेन पटेल, रोहित टोकस, भारत महिला हॉकी टीम, संदीप कुमार, अन्नू रानी, सौरव घोषाल, दीपिका पल्लीकल, श्रीकांत किदांबी, गायत्री गोपीचंद, ट्रीसा जॉली, साथियान ज्ञानसेकरन।

इनमें डिस्कस थ्रोअर सीमा पूनिया, नवजीत ढिल्लन, शटलर साइना नेहवाल, पीवी सिंधु, एन सिक्की रेड्डी और अश्विनी पोनप्पा, बॉक्सर एमसी मैरीकॉम, निशानेबाज मनु भाकर, हिना सिद्धू, तेजस्विनी सावंत, श्रेयसी सिंह, मेहुली घोष, अंजुम मौदगिल, अपूर्वी चंदेला, स्क्वाश खिलाड़ी जोशना चिनप्पा और दीपिका पल्लीकल, टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा, मौमा दास, वेटलिफ्टर मीराबाई चानू, संजिता चानू, पूनम यादव, पहलवान विनेश फोगाट, बबीता कुमारी, पूजा ढांडा, साक्षी मलिक, दिव्या काकरन, किरन ने विभिन्न खेलों की स्पर्धाओं में पदक जीते थे। इनमें हिना सिद्धू, तेजस्विनी सावंत ने दो-दो, जोशना चिनप्पा तथा दीपिका पल्लीकल, एन सिक्की रेड्डी तथा अश्विनी पोनप्पा और मनिका बत्रा तथा मौमा दास ने महिला युगल में पदक जीते थे। मनिका बत्रा ने महिला एकल का भी खिताब जीता था।

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