खराब फॉर्म के बावजूद कोहली का दबदबा, 2020 के बाद सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दुनिया के टॉप-10 बल्लेबाजों में शामिल, रोहित-पंत से भी ऊपर

पिछले एक दशक से वर्ल्ड क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी से तहलका मचाने वाले विराट कोहली को आज टीम से बाहर करने की मांग हो रही है। सोशल मीडिया यूजर्स से लेकर क्रिकेट के कई दिग्गजों को लगता है कि किंग कोहली का दौर खत्म हो चुका है।

टीम इंडिया उन्हें बस ढोए जा रही है। जिस खिलाड़ी ने भारतीय फैंस को जीत की खुशी मनाने के कई मौके दिए, आज वही उसके पीछे पड़े हुए हैं, लेकिन क्या वाकई कोहली इतना खराब खेल रहे हैं कि उन्हें टीम से बाहर कर देना चाहिए? क्या सच में कोहली का दौर खत्म हो गया है? अगर आंकड़ों की बात करें तो ऐसा नहीं है। कोहली आज भी टीम इंडिया के बेस्ट बल्लेबाज हैं।

2020 के बाद सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज

विराट ने 2020 के बाद तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। टी-20 में उनके बल्ले से 663 रन, वनडे में 702 और टेस्ट मैचों में 767 रन निकले हैं। तीनों फॉर्मेट को मिला दें तो विराट के 2237 रन हैं। ये 2020 के बाद किसी भी भारतीय बल्लेबाज के सबसे ज्यादा रन हैं। उनके बाद ऋषभ पंत ने 2213 और रोहित शर्मा ने 2039 रन बनाए हैं। विराट ने ये रन 60 मैचों की 71 पारियों में बनाए हैं। रोहित ने 47 मैचों की 58 पारियों जबकि पंत ने 54 मैचों की 64 पारियों में बनाए हैं।

टॉप-10 खिलाडिय़ों में नंबर-7

पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम इस लिस्ट में नंबर-1 हैं। उन्होंने तीनों फॉर्मेट में 3508 रन बनाए हैं। वहीं, कोहली 7वें स्थान पर हैं। जबकि ऋषभ पंत 9वें और रोहित शर्मा 10वें स्थान पर हैं। हालांकि कोहली से रोहित और ऋषभ का औसत ज्यादा है। विराट ने 34.95 के एवरेज से रन बनाए हैं तो वहीं, पंत का औसत 39.05 का है। 2020 के बाद रोहित शर्मा का औसत 39.21 का है।

फिर क्यों हो रही कोहली को टीम इंडिया से निकालने की मांग?

विराट ने पिछले तीन साल से एक भी शतक नहीं लगाया है। ये सभी को पता है कि विराट अपने खेल को एक लेवल ऊपर ले गए हैं। वे 2008 से 2021 के बीच तीनों फॉर्मेट मिलाकर 70 शतक लगा चुके हैं। उनके आगे सिर्फ रिकी पोंटिंग और सचिन तेंदुलकर हैं, जिन्होंने 71 और 100 इंटरनेशनल शतक लगाए हैं। ऐसे में क्रिकेट फैंस और पूर्व दिग्गजों को लगता है कि शतक लगाए बिना विराट का टीम में रहने का कोई मतलब नहीं है। जिस खिलाड़ी ने आपको खुशी मनाने के इतने मौके दिए, उसके खिलाफ इतनी जल्दी हो जाना कहीं से सही नहीं है। कोहली के टीम में होने से मैदान पर विपक्षी टीम पर जो दबाव बनता है। वो तो जगजाहिर है। टीम के सबसे बड़े मैच विनर के लिए थोड़ा सब्र तो किया जा सकता है।

About the author

suuny

Leave a Comment