महेंद्र सिंह धोनी ने पहली बार बताया कैसे मिला उन्हें क्रिकेट खेलने का पहला मौका, कहा अगर यहां नही खेलता तो कभी इंडिया के लिए नही खेल पाता

टीम इंडिया के पूर्व और सफलतम कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट खेलने वाला बच्चा-बच्चा जानता है. धोनी अपनी तेज़ कीपरिंग और मैच फिनिश करने के लिए जाने जाते हैं. धोनी तिरूवलूर जिला क्रिकेट संध(टीडीसीए) के एक कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने जिला क्रिकेट की अहमियत के बारे में बात की उन्होंने बताया कि किस तरह से जिला क्रिकेट आपको एक अच्छा क्रिकेटर बनने में सहायक होता है.

किस तरह जिला क्रिकेट ने धोनी का दिया था साथ

‘पहली बार है जब मैं जिला संघ की सफलता के मौके पर आयोजित जश्न का हिस्सा बन रहा हूं. मैं अपने जिला क्रिकेट संघ (रांची) को भी शुक्रिया कहना चाहूंगा. क्रिकेटरों को अपने जिले का प्रतिनिधित्व करने में गर्व महसूस होना चाहिए.’

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, ‘मुझे फक्र है कि मुझे अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला लेकिन अगर मैं अपने जिले या स्कूल के लिए नहीं खेला होता तो यह मुमकिन नहीं होता.’

इस कार्यक्रम में धोनी के साथ आईसीसी और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन शामिल हुए थे.

धोनी ने इंडिया को दिलावाए तीन आईसीसी खिताब

महेंद्र सिंह धोनी इंडिया के अभी तक के ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने टीम को आईसीसी की तीन ट्रॉफी जितवाई हैं. धोनी की कप्तानी में सबसे पहले टीम इंडिया ने साल 2007 में टी20 वर्ल्ड कप जीता, साल 2011 में टीम ने वनडे वर्ल्ड कप जीता और साल 2013 में टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी को अपने नाम किया.

धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने 60 टेस्ट मैचों में 27 में जीत हासिल की है और 18 में हार का सामना किया है, बाकी 15 टेस्ट मैच ड्रॉ हुए हैं. टीम ने 200 वनडे धोनी की कप्तानी में खेले हैं, जिसमे से 110 में जीत मिली है और 74 में हार का सामना किया है. इसके अलावा 72 टी20 में 41 जीते हैं और 28 में हार का मुंह देखा है.

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