कोई समझ तक न सका और वो इशारे-इशारे में दे गया हर सवाल का जवाब, कोहली इसीलिए हैं ‘विराट’

18 अगस्त 2008 का दिन याद है क्या ? मुझे लगता है बिना गूगल किए आप इसका जवाब नहीं दे पाएंगे। भारत बनाम श्रीलंका का मैच था। टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी थे। उस वक्त विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग चोटिल हो गए। तब मौका मिला था विराट कोहली को। हालांकि उस मैच वो भी याद नहीं रखना चाहेंगे। कोहली इस मैच में ओपन करने आए थे और महज 12 रन बनाकर आउट हो गए थे। तब इस नौजवान खिलाड़ी को क्या पता था कि एक दिन ये खिलाड़ी भारतीय टीम का सबसे सफल कप्तान बनेगा। आज वही कोहली एक-एक रन के लिए स्ट्रगल कर रहे हैं। हालांकि क्रिकेट में एक वक्त पर ऐसा होता है जब अच्छे से अच्छा बल्लेबाज एक-एक रन के लिए तरसने लगता है।

जरा याद करिए तेंदुलकर का नर्वस नाइंटीज वाला दौर
याद होगा सचिन तेंदुलकर का नर्वस नाइंटीज वाला दौर। उस दौरान में सचिन जैसे ही 90 रन के आसपास आते थे वो खुद ही परेशान होने लगते थे। सचिन अपने पूरे करियर में 18 बार नर्वस नाइंटीज का शिकार हुए थे। इसके बावजूद उनके नाम वनडे में 49 शतकों का रेकॉर्ड है। 2017-18 का वो साल था जब कोहली आते थे तो लगता था कि शतक ही लगेगा। उनका नाम रनमशीन रख दिया गया था। कोहली की खूब आलोचना हुई। कप्तानी पर बवाल मचा। कोहली ने पहले टेस्ट की कप्तानी छोड़ दी। उसके बाद वनडे और टी20 से कप्तानी गई। आईपीएल की कप्तानी भी कोहली ने छोड़ दी।

बातों ही बातों में कोई बात निकल गई…
अब बात करते हैं IPL 2022 की। इस आईपीएल में अभी तक कोहली के बल्ले से सिर्फ एक बार अर्धशतक आया इसके अलावा तीन बार तो वो शून्य पर आउट हो गए। अंतराष्ट्रीय मैचों में उनका शतक 2019 के बाद अब तक नहीं आया। मतलब हर तरफ से कोहली को निराशा हो रही है। आरसीबी के टीवी प्रेजेंटर कोहली से हंसी मजाक कर रहे थे मगर इस हंसी मजाक में कोहली अपनी दिल की बात कह गए। हालांकि किसी ने भी उस बात का मतलब नहीं समझा मगर लगता है कि वो कुछ बड़ी बात कह गए।

यहां समझिए उनके बयान का मतलब

भारत के पूर्व कप्तान ने आरसीबी की वेबसाइट पर शेयर किए गए एक वीडियो में कहा कि उन्होंने उन लोगों को बाहर निकालना सीख लिया है जो उनकी आलोचना करते हैं। कोहली ने कहा, वे महसूस नहीं कर सकते कि मैं क्या महसूस कर रहा हूं। वे मेरा जीवन नहीं जी सकते। वे उन पलों को भी नहीं जी सकते, ऐसे में आप शोर को कैसे कम करेंगे? आप या तो टीवी को म्यूट कर देते हैं या लोग जो कह रहे हैं उस पर ध्यान नहीं देते। मैं ये दोनों चीजें करता हूं। कोहली ने मुस्कुराते हुए कहा, मेरे करियर में ऐसा कभी नहीं हुआ है।

ये आंकड़े बताते हैं कोहली क्या हैं…
  • साल 2008- वनडे मैचों की पांच पारियों में- कोई शतक नहीं
  • साल 2009- वनडे मैचों की आठ पारियों में- एक शतक
  • साल 2010- वनडे मैचों की 24 पारियों में- तीन शतक
  • साल 2011- वनडे मैचों की 34 पारियों में- चार शतक
  • साल 2012- वनडे मैचों की 17 पारियों में- पांच शतक
  • साल 2013- वनडे मैचों की 30 पारियों में- चार शतक
  • साल 2014- वनडे मैचों की 20 पारियों में- चार शतक
  • साल 2015- वनडे मैचों की 20 पारियों में- दो शतक
  • साल 2016- वनडे मैचों की 10 पारियों में- तीन शतक
  • साल 2017- वनडे मैचों की 26 पारियों में- छह शतक
  • साल 2018- वनडे मैचों की 14 पारियों में- छह शतक
  • साल 2019- वनडे मैचों की 25 पारियों में- पांच शतक
  • साल 2020- वनडे मैचों की 9 पारियों में- कोई शतक नहीं

About the author

suuny

Leave a Comment