चंद शतक लगाने से पंत नहीं बन सकते हीरो, कई बार मुश्किल वक्त में डुबाई है टीम इंडिया की नईय्या

इंग्लैंड और भारत के बीच खेली गई खेली 3 मैचों की वनडे सीरीज के आखिरी मुकाबले में ऋषभ पंत ने बल्ले से करिश्माई पारी खेलते हुए भारत को सीरीज जिताई. इस मैच में उन्होंने 113 गेंदों का सामना करते हुए 125 रन शानदार शतकीय पारी खेलते हुए हारी बाजी को जीत में बदल दी. इस सीरीज में 2-1 से मिली जीत के हीरो ऋषभ पंत कहलाए. उन्होंने ये पारी ऐसे मौके पर खेली जब एक समय पर ऐसा लग रहा था कि भारत के हाथ से मैच निकल जाएगा. लेकिन, ऐसा हुआ नहीं पांड्या के साथ मिलकर उन्होंने वो कारनामा किया जिसकी स्टेडियम में बैठे लाखों दर्शकों को उम्मीद थी. उनकी इस पारी की चर्चा लगातार हो रही है. लेकिन, महज इस इनिंग के आधार पर ये नहीं कहा जा सकता कि पंत इतनी ही जिम्मेदारी से हर मैच में स्थिति को संभालते हैं. क्योंकि बार ऐसा देखा गया है जब जरूरत के वक्त पंत (Rishabh Pant) खराब हालात में खराब या फिर गैरजिम्मेदाराना शॉट खेलते टीम की नैय्या डुबा गए हैं.

कई बार Rishabh Pant ने जरूरत की जगह डुबाई है टीम इंडिया की नैय्या

इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी वनडे मैच में ऋषभ पंत के शतकीय पारी के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता, और ये भी सच है कि अगर उन्होंने इस मैच में आखिर तक सूझबूझ से काम नहीं लिया होता तो टीम इंडिया के हाथ से सीरीज निकल जाती. लेकिन, इस बात को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि कई बार जब पंत की सबसे ज्यादा जरूरत होती है तो अक्सर खराब शॉट खेलकर आउट हो जाते हैं और टीम को बीच मझदार में छोड़कर निकल जाते हैं.

कई बार पंत (Rishabh Pant) इसी वजह से आलोचकों के निशाने पर भी रहे हैं. हाल ही में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेली गई घरेलू टी20 सीरीज में भी इसका उदाहरण देखने को मिला था. 5 मैचों की इस श्रृंखला में उन्हें कप्तानी जैसी अहम जिम्मेदारी दी गई थी. लेकिन, बल्ले से उन्होंने काफी ज्यादा निराश किया. यहां तक कि ऐसी जगह पर विकेट गंवाया जहां अगर सोच-समझकर पंत बल्लेबाजी करते तो मैच हाथ में आ सकता था. इसके लिए उनकी जमकर आलोचना भी हुई थी.

क्यों अक्सर आलोचनाओं के बीच घिरे रहते हैं Rishabh Pant

गाबा टेस्ट मैच में ऋषभ पंत ने 98 रन की पारी खेलते हुए टीम इंडिया को जीत दिलाई और इसकी छाप आज भी फैंस के दिल में है जिसे बड़े-बड़े दिग्गज और क्रिकेट एक्सपर्ट्स तक नहीं भुला सके हैं और भुला भी नहीं पाएंगे. लेकिन, इसके बाद कई ऐसे मौके आए जब भारत के हाथ में मनुकाबले का नतीजा आ सकता था लेकिन, ऋषभ अपने आड़े-तेड़े शॉट की वजह से सारी उम्मीदों पर पानी फेर गए. इस रवैये के चलते उनकी जमकर किरकिरी भी हुई.

इंग्लैंड के खिलाफ रविवार (17 जुलाई 2022) को उनकी ओर से खेली गई शतकीय पारी देखकर एक बात स्पष्ट हो गई कि अगर पंत (Rishabh Pant) चाहें तो परिस्थिति के हिसाब से अपने गेम में बदलाव कर सकते हैं और नेचुरन गेम से कंप्रोमाइज भी कर सकते हैं और यदि ऐसा करते हैं तो उसका नतीजा क्या हो सकता है हम सभी ने देखा है. वो न सिर्फ बड़ी पारी खेले हैं बल्कि टीम को जीत भी दिलाई है.

महज चंद शतक की वजह से नहीं कहे जा सकते हीरो, बल्कि करना होगा साबित

इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि पंत (Rishabh Pant) में प्रतिभा की कमी नहीं है. लेकिन, इस बात को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है कि वो अपने गैरजिम्मेदाराना हरकतों के चलते कई बार टीम की नैय्या डुबा जाते हैं. इसलिए सिर्फ चंद शतक की वजह से उन्हें हीरो करार नहीं दिया जा सकता. बल्कि इसके लिए उन्हें खुद को साबित करते रहना होगा और जिम्मेदारी उठानी होगी.

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