बचपन में ही उठ गया था माँ का साया, पिता जी चाहते थे आर्मी ज्वाइन करे, लेकिन फिर बड़ी बहन ने पालपोष कर बनाया दुनिया का सबसे बेस्ट आलराउंडर

क्रिकेट के मैदान पर सभी खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत करते हैं. यह तो हम सब देखते ही है. लेकिन इन खिलाड़ियों को इस मुकाम तक पहुंचाने में इनके परिवारवालों का भी बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान होता है. आज हम आपको टीम इंडिया के एक ऐसे ही खिलाड़ी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने अपने जीवन में बहुत सारी कठिनाइयों का सामना किया. आज यह क्रिकेटर भारतीय टीम की जान है.

हम बात कर रहे हैं भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर खिलाड़ी रविंद्र जडेजा की, जिनकी गिनती सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में की जाने लगी है. जडेजा का जन्म एक गुजराती राजपूत परिवार में हुआ. साल 2005 में जडेजा की मां का एक दुर्घटना में इंतकाल हो गया. जडेजा की मां अपने बेटे को क्रिकेटर बनाना चाहती थी. लेकिन उनकी यह इच्छा अधूरी रह गई. वो अपने बेटे को क्रिकेटर बनता हुआ नहीं देख पाए.

 

अंडर-19 विश्व कप 2006 से ठीक 1 साल पहले ही जडेजा की मां का निधन हुआ. मां की मृत्यु के बाद जडेजा ने लगभग क्रिकेट खेलना छोड़ ही दिया था. मां के निधन के बाद जडेजा को उनकी बड़ी बहन नैना ने संभाला और परिवार की भी जिम्मेदारी उठाई. जिसके बाद एक बार फिर से जडेजा ने क्रिकेट खेलना शुरू किया.

आज जडेजा किसी भी पहचान के मोहताज नहीं है. वह मैदान पर बड़े-बड़े कारनामे करने के लिए जाने जाते हैं. जडेजा के पिता एक प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी में सिक्योरिटी गार्ड थे. उनके पिता चाहते थे कि जडेजा एक आर्मी ऑफिसर बने. लेकिन जडेजा क्रिकेट में रुचि रखते थे और वह आगे चलकर क्रिकेटर ही बने. आज जडेजा भारतीय टीम की जान है.

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